विधान परिषद लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी के बजट सत्र में विधान परिषद को संबोधित करते हुए सपा पर तीखा वार किया। आस्था का महाकुंभ आयोजन हो रहा था, उस वक्त भी बहुत सारे श्रद्धालु तथा पार्टियां अनेक प्रकार के अनर्गल प्रलाप कर रहे थे। लेकिन हम लोग अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे।
महाकुंभ को लेकर अनेक विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। कुंभ के बारे में वही चर्चा कर सकता है, जिसने इस आयोजन में सहभागी बना हो।
भगवान श्री कृष्ण ने कहा है कि मुझे जो जिस रूप में स्मरण करता है, मैं उसी रूप में उसे दिखा देता हूं। मुझे लगता है कि जैसे जिसकी दृष्टि थी, वैसा दिखाई दिया। महाकुंभ के आयोजन को देश की मीडिया खूब सराहना की है। किसी भी प्रकार का क्राइम नहीं हुआ। कोई भी ऐसी घटना नहीं हुई, जिसको लेकर कोई शर्मिंदा महसूस करें।
यह महाकुंभ एकात्मकता और अनुशासन का बढ़िया उदाहरण इसमें जाति की सभी सीमाएं टूट गईं। त्रिवेणी संगम में इतने श्रद्धालुओ ने डुबकी लगाए ताकि दुनिया जान ले कि समस्त हिंदू समाज एक है। महाकुंभ पर सवाल उठाने वालों को जनता ने जवाब दिया। यूपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड अपने सैंपल कलेक्शन करता था। संगम में जब भी नमूने लिए गए वो शुद्धता के सभी मानकों को पूरा करते दिखे।
विश्व ने काशी के वैभव को भी खूब देखा, काशी के लोगों का धैर्य अभिनंदन का पात्र
दुनिया ने काशी के वैभव को भी खूब देखा, काशी के लोगों का धैर्य अभिनंदन का पात्र है। आतिथ्य सत्कार का नया उदाहरण प्रस्तुत किया। काशी सबको गले लगाना जानता है। आज पूरी काशी नए रंग रूप, काया के साथ पूरी दुनिया को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। अयोध्या में भी 5 लाख से 15 लाख श्रद्धालु हर दिन आए। महाकुंभ से जिस भी जगह से पर्यटक गए, उस जनपद के लोगों ने भी आतिथ्य सरकार के नए मानक प्रस्तुत किए। जौनपुर, मिर्जापुर, कौशांबी, फतेहपुर, चित्रकूट या फिर जो भी मार्ग हो। 28 और 29 जनवरी को कुछ वाहन प्रयागराज के अगल बगल के जिलों में भेजे गए। लोगों ने उनका सत्कार किया।

मुख्यमंत्री योगी ने सम्बोधन में कहा की एक परिवार मिला, जो बाहर से आए थे। उन्होंने बताया कि 10 लोगों का ग्रुप था। जिनको नाविकों ने संगम में स्नान करवाया। जिससे नाव वालों ने हर ग्रुप से 2-2 हजार रुपये लिए। इससे यह पता चलता है कि नाविकों ने आराम से शाम तक 50-50 हजार रुपए कमाए। इसका वृहतर आर्थिक पक्ष है। हमारा अनुमान है कि यूपी की अर्थव्यवस्था में साढ़े तीन लाख करोड़ से ज्यादा का योगदान हुआ। ये विजन पीएम मोदी ने दिया है। इस बार के बजट में सामाजिक न्याय से जुड़े सभी पुरोधाओं का हमने सम्मान किया है।